ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 5151.5ऋग्वेद 51.5अ॒भ्य॑र्ष विचक्षण प॒वित्रं॒ धार॑या सु॒तः । अ॒भि वाज॑मु॒त श्रव॑ः ॥५॥पिछलापूरा अध्याय