ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 4545.4ऋग्वेद 45.4अत्यू॑ प॒वित्र॑मक्रमीद्वा॒जी धुरं॒ न याम॑नि । इन्दु॑र्दे॒वेषु॑ पत्यते ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय