ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 4545.2ऋग्वेद 45.2स नो॑ अर्षा॒भि दू॒त्यं१ त्वमिन्द्रा॑य तोशसे । दे॒वान्त्सखि॑भ्य॒ आ वर॑म् ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय