Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 4.5

त्वं सूर्ये॑ न॒ आ भ॑ज॒ तव॒ क्रत्वा॒ तवो॒तिभि॑ः । अथा॑ नो॒ वस्य॑सस्कृधि ॥५॥

पूरा अध्याय