ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 3939.3ऋग्वेद 39.3सु॒त ए॑ति प॒वित्र॒ आ त्विषिं॒ दधा॑न॒ ओज॑सा । वि॒चक्षा॑णो विरो॒चय॑न् ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय