ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 3535.2ऋग्वेद 35.2इन्दो॑ समुद्रमीङ्खय॒ पव॑स्व विश्वमेजय । रा॒यो ध॒र्ता न॒ ओज॑सा ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय