ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 2727.5ऋग्वेद 27.5ए॒ष सूर्ये॑ण हासते॒ पव॑मानो॒ अधि॒ द्यवि॑ । प॒वित्रे॑ मत्स॒रो मद॑ः ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय