Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 27.3

ए॒ष नृभि॒र्वि नी॑यते दि॒वो मू॒र्धा वृषा॑ सु॒तः । सोमो॒ वने॑षु विश्व॒वित् ॥३॥

पूरा अध्याय