ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 2525.2ऋग्वेद 25.2पव॑मान धि॒या हि॒तो॒३ऽभि योनिं॒ कनि॑क्रदत् । धर्म॑णा वा॒युमा वि॑श ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय