Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 16.3

अन॑प्तम॒प्सु दु॒ष्टरं॒ सोमं॑ प॒वित्र॒ आ सृ॑ज । पु॒नी॒हीन्द्रा॑य॒ पात॑वे ॥३॥

पूरा अध्याय