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ऋग्वेद 92.32

त्वयेदि॑न्द्र यु॒जा व॒यं प्रति॑ ब्रुवीमहि॒ स्पृध॑ः । त्वम॒स्माकं॒ तव॑ स्मसि ॥३२॥

पूरा अध्याय