ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 9090.3ऋग्वेद 90.3ब्रह्मा॑ त इन्द्र गिर्वणः क्रि॒यन्ते॒ अन॑तिद्भुता । इ॒मा जु॑षस्व हर्यश्व॒ योज॒नेन्द्र॒ या ते॒ अम॑न्महि ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय