ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 8282.3ऋग्वेद 82.3इ॒षा म॑न्द॒स्वादु॒ तेऽरं॒ वरा॑य म॒न्यवे॑ । भुव॑त्त इन्द्र॒ शं हृ॒दे ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय