ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 7272.5ऋग्वेद 72.5चर॑न्व॒त्सो रुश॑न्नि॒ह नि॑दा॒तारं॒ न वि॑न्दते । वेति॒ स्तोत॑व अ॒म्ब्य॑म् ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय