ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 77.5ऋग्वेद 7.5नि यद्यामा॑य वो गि॒रिर्नि सिन्ध॑वो॒ विध॑र्मणे । म॒हे शुष्मा॑य येमि॒रे ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय