Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 7.17

उदु॑ स्वा॒नेभि॑रीरत॒ उद्रथै॒रुदु॑ वा॒युभि॑ः । उत्स्तोमै॒ः पृश्नि॑मातरः ॥१७॥

पूरा अध्याय