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ऋग्वेद 69.11

अपा॒दिन्द्रो॒ अपा॑द॒ग्निर्विश्वे॑ दे॒वा अ॑मत्सत । वरु॑ण॒ इदि॒ह क्ष॑य॒त्तमापो॑ अ॒भ्य॑नूषत व॒त्सं सं॒शिश्व॑रीरिव ॥११॥

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