ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 66.44ऋग्वेद 6.44इन्द्र॒मिद्विम॑हीनां॒ मेधे॑ वृणीत॒ मर्त्य॑ः । इन्द्रं॑ सनि॒ष्युरू॒तये॑ ॥४४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय