ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 66.39ऋग्वेद 6.39मन्द॑स्वा॒ सु स्व॑र्णर उ॒तेन्द्र॑ शर्य॒णाव॑ति । मत्स्वा॒ विव॑स्वतो म॒ती ॥३९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय