ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 66.25ऋग्वेद 6.25अ॒भि व्र॒जं न त॑त्निषे॒ सूर॑ उपा॒कच॑क्षसम् । यदि॑न्द्र मृ॒ळया॑सि नः ॥२५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय