ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 66.22ऋग्वेद 6.22तवेदि॑न्द्र॒ प्रणी॑तिषू॒त प्रश॑स्तिरद्रिवः । य॒ज्ञो वि॑तन्त॒साय्य॑ः ॥२२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय