ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 5656.2ऋग्वेद 56.2दश॒ मह्यं॑ पौतक्र॒तः स॒हस्रा॒ दस्य॑वे॒ वृक॑ः । नित्या॑द्रा॒यो अ॑मंहत ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय