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ऋग्वेद 52.5

यो नो॑ दा॒ता स न॑ः पि॒ता म॒हाँ उ॒ग्र ई॑शान॒कृत् । अया॑मन्नु॒ग्रो म॒घवा॑ पुरू॒वसु॒र्गोरश्व॑स्य॒ प्र दा॑तु नः ॥५॥

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