ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 55.31ऋग्वेद 5.31आ व॑हेथे परा॒कात्पू॒र्वीर॒श्नन्ता॑वश्विना । इषो॒ दासी॑रमर्त्या ॥३१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय