Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 46.5

दधा॑नो॒ गोम॒दश्व॑वत्सु॒वीर्य॑मादि॒त्यजू॑त एधते । सदा॑ रा॒या पु॑रु॒स्पृहा॑ ॥५॥

पूरा अध्याय