ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 4545.37ऋग्वेद 45.37को नु म॑र्या॒ अमि॑थित॒ः सखा॒ सखा॑यमब्रवीत् । ज॒हा को अ॒स्मदी॑षते ॥३७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय