ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 4545.24ऋग्वेद 45.24इ॒ह त्वा॒ गोप॑रीणसा म॒हे म॑न्दन्तु॒ राध॑से । सरो॑ गौ॒रो यथा॑ पिब ॥२४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय