ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 4545.16ऋग्वेद 45.16इ॒म उ॑ त्वा॒ वि च॑क्षते॒ सखा॑य इन्द्र सो॒मिन॑ः । पु॒ष्टाव॑न्तो॒ यथा॑ प॒शुम् ॥१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय