ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 4444.2ऋग्वेद 44.2अग्ने॒ स्तोमं॑ जुषस्व मे॒ वर्ध॑स्वा॒नेन॒ मन्म॑ना । प्रति॑ सू॒क्तानि॑ हर्य नः ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय