ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 44.9ऋग्वेद 4.9अ॒श्वी र॒थी सु॑रू॒प इद्गोमाँ॒ इदि॑न्द्र ते॒ सखा॑ । श्वा॒त्र॒भाजा॒ वय॑सा सचते॒ सदा॑ च॒न्द्रो या॑ति स॒भामुप॑ ॥९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय