ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 44.21ऋग्वेद 4.21वृ॒क्षाश्चि॑न्मे अभिपि॒त्वे अ॑रारणुः । गां भ॑जन्त मे॒हनाऽश्वं॑ भजन्त मे॒हना॑ ॥२१॥पिछलापूरा अध्याय