ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 3838.5ऋग्वेद 38.5इ॒मा जु॑षेथां॒ सव॑ना॒ येभि॑र्ह॒व्यान्यू॒हथु॑ः । इन्द्रा॑ग्नी॒ आ ग॑तं नरा ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय