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ऋग्वेद 35.4

जु॒षेथां॑ य॒ज्ञं बोध॑तं॒ हव॑स्य मे॒ विश्वे॒ह दे॑वौ॒ सव॒नाव॑ गच्छतम् ।
स॒जोष॑सा उ॒षसा॒ सूर्ये॑ण॒ चेषं॑ नो वोळ्हमश्विना ॥४॥

पूरा अध्याय