ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 3232.4ऋग्वेद 32.4प्रति॑ श्रु॒ताय॑ वो धृ॒षत्तूर्णा॑शं॒ न गि॒रेरधि॑ । हु॒वे सु॑शि॒प्रमू॒तये॑ ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय