ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 3232.17ऋग्वेद 32.17पन्य॒ इदुप॑ गायत॒ पन्य॑ उ॒क्थानि॑ शंसत । ब्रह्मा॑ कृणोत॒ पन्य॒ इत् ॥१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय