ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 2828.4ऋग्वेद 28.4यथा॒ वश॑न्ति दे॒वास्तथेद॑स॒त्तदे॑षां॒ नकि॒रा मि॑नत् । अरा॑वा च॒न मर्त्य॑ः ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय