ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 2626.21ऋग्वेद 26.21तव॑ वायवृतस्पते॒ त्वष्टु॑र्जामातरद्भुत । अवां॒स्या वृ॑णीमहे ॥२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय