ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 2424.17ऋग्वेद 24.17इन्द्र॑ स्थातर्हरीणां॒ नकि॑ष्टे पू॒र्व्यस्तु॑तिम् । उदा॑नंश॒ शव॑सा॒ न भ॒न्दना॑ ॥१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय