ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 2424.15ऋग्वेद 24.15न॒ह्य१ङ्ग पु॒रा च॒न ज॒ज्ञे वी॒रत॑र॒स्त्वत् । नकी॑ रा॒या नैवथा॒ न भ॒न्दना॑ ॥१५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय