Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 23.3

येषा॑माबा॒ध ऋ॒ग्मिय॑ इ॒षः पृ॒क्षश्च॑ नि॒ग्रभे॑ । उ॒प॒विदा॒ वह्नि॑र्विन्दते॒ वसु॑ ॥३॥

पूरा अध्याय