Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 19.1

तं गू॑र्धया॒ स्व॑र्णरं दे॒वासो॑ दे॒वम॑र॒तिं द॑धन्विरे । दे॒व॒त्रा ह॒व्यमोहि॑रे ॥१॥

पूरा अध्याय