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ऋग्वेद 17.14

वास्तो॑ष्पते ध्रु॒वा स्थूणांऽस॑त्रं सो॒म्याना॑म् । द्र॒प्सो भे॒त्ता पु॒रां शश्व॑तीना॒मिन्द्रो॒ मुनी॑नां॒ सखा॑ ॥१४॥

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