ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 1616.1ऋग्वेद 16.1प्र स॒म्राजं॑ चर्षणी॒नामिन्द्रं॑ स्तोता॒ नव्यं॑ गी॒र्भिः । नरं॑ नृ॒षाहं॒ मंहि॑ष्ठम् ॥१॥अगलापूरा अध्याय