Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 15.12

यदि॑न्द्र मन्म॒शस्त्वा॒ नाना॒ हव॑न्त ऊ॒तये॑ । अ॒स्माके॑भि॒र्नृभि॒रत्रा॒ स्व॑र्जय ॥१२॥

पूरा अध्याय