ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 1212.1ऋग्वेद 12.1य इ॑न्द्र सोम॒पात॑मो॒ मद॑ः शविष्ठ॒ चेत॑ति । येना॒ हंसि॒ न्य१त्रिणं॒ तमी॑महे ॥१॥अगलापूरा अध्याय