ग्रंथऋग्वेदमण्डल 8सूक्त 102102.20ऋग्वेद 102.20यद॑ग्ने॒ कानि॒ कानि॑ चि॒दा ते॒ दारू॑णि द॒ध्मसि॑ । ता जु॑षस्व यविष्ठ्य ॥२०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय