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ऋग्वेद 1.14

अम॑न्म॒हीद॑ना॒शवो॑ऽनु॒ग्रास॑श्च वृत्रहन् । स॒कृत्सु ते॑ मह॒ता शू॑र॒ राध॑सा॒ ऽनु॒ स्तोमं॑ मुदीमहि ॥१४॥

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