ग्रंथऋग्वेदमण्डल 7सूक्त 8989.3ऋग्वेद 89.3क्रत्व॑ः समह दी॒नता॑ प्रती॒पं ज॑गमा शुचे । मृ॒ळा सु॑क्षत्र मृ॒ळय॑ ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय