ग्रंथऋग्वेदमण्डल 7सूक्त 6666.18ऋग्वेद 66.18दि॒वो धाम॑भिर्वरुण मि॒त्रश्चा या॑तम॒द्रुहा॑ । पिब॑तं॒ सोम॑मातु॒जी ॥१८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय