Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 34.18

उ॒त न॑ ए॒षु नृषु॒ श्रवो॑ धु॒ः प्र रा॒ये य॑न्तु॒ शर्ध॑न्तो अ॒र्यः ॥१८॥

पूरा अध्याय